Sunday, November 26, 2023

दलितों के पिछड़ेपन का मुख्य कारण,ब्राह्मणों की कूटनीति चाल

 दलितों के पिछड़ेपन का मुख्य कारण,ब्राह्मणों की कूटनीति चाल 

आज की इस वीडियो में दिल थामकर बैठने की जरूरत है आज हम जो विचार लेकर आए है उससे आपकी जिंदगी बदल सकती है आपके अंदर अद्भुत परिवर्तन आ सकता है यदि आप अपनी जिंदगी में बदलाव लाना चाहते है तो यह वीडियो आपके बहुत काम की हो सकती है आगे बढ़ने से पहले आपके प्यारे से हाथो के अंगूठे के स्पर्श से हमे  subscribe वाले बटन पर जाकर एक subscribe भेट स्वरूप दे देना क्योंकि वैसी भी आप लोगो को अपनी मेहनत के पैसों को मनुवादी ब्राह्मणों  को और उनके द्वारा बनाए गए मंदिरो में भेट करने की आदत जो है हम आपसे पैसे नही मांगते और न ही इस काम के कोई पैसे ही लगते है तो आपसे अनुरोध अनुनय विनय एक प्यार सा निवेदन है कि चैनल को सपोर्ट करने के उद्देश्य से एक subscribe भेट स्वरूप जरूर दान में दे 

साथियों से निवेदन है कि वीडियो को लाइक कमेंट और शेयर जरूर कर दे इस वीडियो में देखते है कि कितने लोग ऐसा करते है कितने लोग  चमारों दलितों और बहुजनो की आवाज बने इस चैनल में अपना कितना सहयोग देते है और कितने लोग अपने समाज की फिक्र करते है साथियों ये चैनल कुछ खास विचारों को आप लोगो तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया था इसमें हम पूरी तरह से सफल नहीं हो पा रहे है क्योंकि आप लोगो का हमे भरपूर प्यार और सहयोग नही मिल रहा है यदि आप चाहते है कि दलितों की आवाज हम जन जन तक पहुंचाए तो इसके लिए हमे आपके सपोर्ट की बेहद जरूरत है ताकि हम आने वाले समय में आपको कुछ खास जानकारियां उपलब्ध करा सके साथियों देर न करते हुए आइए अपनी बात शुरू करते है 

साथियों

मनुवादी अपना रोजगार चलाने के लिए रोज एक नया भगवान बना देते हैं और फिर लोगों में उसके झूठे चमत्कार दिखाते है लोगों को डराते हैं और ढोंग आडम्बर अन्धविश्वास को पूरे जोर शोर से तैयार करके Sc ,st ,OBC के लोगों को सौप देते है फिर सबसे ज्यादा ये लोग ही इनकी मानसिक गुलामी के शिकार होते है। 


अब ये एक नया आटू पाटु स्याम तैयार कर दिया गया है लोग पूरे जी जान से इसको पूजने में जुटे हुए हैं।  । 


लेकिन जब कोई घटना दुर्घटना हो जाती है तो थाना ,हॉस्पिटल,कोर्ट,कचहरी ,पुलिस.कार्यवाही करने आदि में पैसा और वकील ही काम आते हैं । तब ये आटू पाटु स्याम,काम नही आएगा और न कोई मंदिर ,न कोई भगवान , और न कोई देवी देवता ही काम आएगा जो कुछ आपके काम आएगा वह है आपकी मेहनत शिक्षा स्वास्थ्य परिवार पास पड़ोस और अच्छे मित्र और कानून अस्पताल स्कूल आदि 


लेकिन फिर भी लगे रहो ,,इन पाखंडो में  आखिर मेहनत की कमाई को पानी की तरह लुटाना भी तो है तभी तो आप लोग पुरे के पूरे भक्त बन सकते हो। अपनी मेहनत से बच्चो को पढ़ा लिखाकर कोई उच्च अधिकारी बनाने में क्या फायदा होगा। इसके लिए तो स्वर्णों के बच्चे हैं ही जो देश विदेश के ऊंचे ऊंचे स्कूल कालेज में पढ़ते हैं इनके बच्चे ऊँची शिक्षा प्राप्त करके जज, वकील, पीसीएस आईएएस ips, कलेक्टर आदि बन जाते है और देश के  बड़े बड़े पदों पर विराज मान होते है और कोई बड़ा अफसर कोई अधिकारी बन कर आप के बच्चों को गुलाम समझने लगता हैं।

और आप इन्ही के द्वारा रचित पाखंडवाद और अंधविश्वास के चक्कर में पड़कर अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा नही दिला पाते हो जिसकी वजह से उनके हाथों में द्रांति खुरपी  फावड़ा करनी बसोली आदि आ जाती है  और वह एक लेवर बन कर रह जाता है इसी को वह भगवान की कृपया मानकर अपना जीवन जीने लगता है और सारी उम्र अपने मां बाप को कोसने लगता है कि हमारे माता पिता ने हमे स्कूल में भेज दिए होते तो आज ये दिन न देखने को मिलते आज हम ये मजबूरी में मजदूरी न करते इसके बाद यें ही लोग सब कुछ भूलकर  फिर से अपने बच्चो को पाखंडवाद अंधिश्वास के अंधेरे धंधे में धकेलने लग जाते है बात इनकी तो जो है

 वो तो है ही लेकिन जो लोग पढ़ लिखकर नौकरी पैसे से जुड़ जाते है वो लोग भी पाखंडवाद और अंधविश्वास को अपने कर कमलों के द्वारा बढ़ावा देने लगते है 

सबसे ज्यादा गरीबी अशिक्षा ही इसकी मुख्य वजह है लेकिन यहां मैं कहना चाहूंगा कि हमारे इन वर्गों के पढ़े लिखे लोग भी कुछ कम नहीं है पढ़ा लिखा या शिक्षित वो ही होता है जो सही गलत की पहचान करके उस मार्ग पर चले और गलत रास्ते का तुरंत खंडन करे यहां मैं अपने कुछ जानकारों को शामिल करना चाहूंगा  मेरे एक मित्र advocat साहब है जिसे वकील भी बोला जाता है वो तिलक धारी के नाम से जाने जाते है ये साहब उत्तराखंड की कोर्ट में बैठते है जनाब दलित है रुको जरा दलित तो कई जातियां है मैं बात कर रहा हूं चमार जाति के इन जनाब ने तो सारे के सारे काल्पनिक देवी देवताओं को बढ़ावा देने का काम किया है 

रोज घर से ऐसे निकलते जैसे मानो कोई ब्राह्मण पांडे पुजारी जा रहा हो मैने इनसे एक बार पूछ लिया कि वकील साहेब ये आपका वेश भूषा  सही नही है तो वो बोले कि भाई जैसा देश वैसा भेष हम यदि अपनी जाति का जिक्र करेंगे तो खाली के खाली बैठे रहेंगे हम कुछ भी कमा नही पाएंगे इसलिए हमे ऐसा करना पड़ता है हमने कहा कि तुम्हारे पढ़ लिखने का क्या फायदा हुआ जो आप इस डर की जिंदगी से आज तक बाहर नहीं निकल पा रहे हो साथियों आपको एक खास बात और बता दूं मेरे साद्दू भाई भी किसी से कम नहीं है डॉक्टरी के पैसे से जुड़े है थाली ताली जमके पीटी जनाब ने और  सुबह तीन घंटे जमके पूजा पाठ आरती आदि करते है इनकी दिन की शुरुआत ही अंधिश्वाश और पूजा पाठ से होती है ये जनाब भूल गए कि ढाई हजार सालों की गुलामी को दूर करने वाले बाबा साहब तैतीस करोड़ देवी देवताओं पर भारी पड़े थे जिनकी वजह से आप पढ़ लिखकर docter vakil or अन्य व्यवासय नौकरियों आदि में गए हो लेकिन आज भी नौकरी वालो से पूछो की उनका कितना शोषण होता है और ये शोषण तब तक होता रहेगा जब तक इन देवी देवताओं के चक्करों में पड़े रहोगे आस्था बुद्ध में रखो आस्था संत रविदास जी में रखो आस्था कांशीराम में रखो आस्था Ambedkar में रखो आस्था बहुजनों के महापुरुषों में रखो जिनके बलिदान कभी भी नही भुलाए जा सकते उन्होंने खुद को समाज हित में इस मनुवादी विचारधारा का जमके विरोध किया था और आपके लिए एक रास्ता बनाया था विज्ञान का तथ्य आधारित जीवन सैली का जो हमेशा सत्य के पथ पर ले जाता है साथियों आज भी 

देश आजाद होने के 77 वर्षो बाद भी आप अपनी जाति को किसी को बताने की हिम्मत नहीं रखते जहां भी जाते हो अपनी जाति का नाम नहीं बता सकते हो उसे छुपाते हो कारण आपके अंदर ढाई हजार साल तक का डर पीढ़ी दर पीढ़ी समाया हुआ है जिसे अनुवानसिकता का नियम कहा जा सकता है जिसे आप बड़े बुजुर्को की वजह से ढोते आ रहे हो ये तब तक आपके भीतर रहेगा जब तक आपके अंदर डर बना रहेगा और डर तब तक बना रहेगा जब तक की आप खुद और अपनी आगे आने वाली पीढ़ी को इस डर से बाहर नहीं निकालोगे

 साथियों तब तक यह डर आपके भीतर से नही निकलेगा जब तक कि आप 

खुद को और अपने बच्चों को इन नकली झूठे भगवानो के चंगुल में अच्छी तरह  फांसे रखोगे । जब तक आप इन देवी देवताओं को अपने मानते रहोगे और इन्हे अपने घरों में बसाए रखोगे । 


और समय समय पर गिरगिट की तरह बदलते रहोगे  ,जब जब नवरात्रि आएगी तब तब  जय माता जय माता, जब जब दशहरा आये तब तब जय श्री राम ,जब दीवाली आये, तो जय लक्ष्मी जी गणेश ,जब नोमी आये तो जय कृष्ण ,जय  जाहर पीर, हनुमान जयंती आये तो जय हनुमान ,जय भोले बम बम भोले आदि बोलते रहोगे और ब्राह्मण द्वारा बताए रास्ते पर चलते रहोगे तब तक आपका विनाश होना तय है क्योंकि ब्राह्मण कभी नहीं चाहेगा कि आप इस रास्ते को छोड़ दो क्योंकि यहां ब्राह्मण की रोजी रोटी का सवाल है उसकी तरक्की का सवाल है वो बैठे बिठाए सुख भोगता रहेगा उसके बच्चे मठाधीशों के मठाधीश बनेंगे विदेशों से अच्छी शिक्षा ग्रहण करके उच्च अधिकारी बनेंगे और आपके पैसे का स्तेमाल करके आपको गुलाम बनाएंगे सदियों से आप और हम पर शासन करते आए है और इसी तरह करते रहेंगे इसका सीधा सा कारण है आपकी मेहनत से कमाई गई दौलत को आपके द्वारा ब्रहणो को भेट में देना ही उनकी तरक्की का मुख्य कारण है और आपके ऊपर अत्याचार और शोषण का कारण भी ये ही है 

साथियों यहां मैं दिल से कहना चाहता है जरा आप भी गंभीरता से जरूर समझना  एक सवाल आप लोगो से है कितने सवर्णों के घरों में अंबेडकर रविदास बुद्ध ज्योतिबा फूले सावित्री बाई पेरियार रामा स्वामी आदि बहुजानो के महापुरुषों की तस्वीर लगी देखी है और वो लोग 

हमारे कौन से पर्व यानि त्योहार को मनाते है क्या कोई बता सकता है और अपने घरों में ज़रा झांक कर तो देखो कि इन देवी देवताओं ने जिन्हे आप भगवान मानते हो उन्ही देवी देवताओं ने भारत के बहुजानों के महापुरुषों की हत्या की थी यें हमारे लोगो के हत्यारे है इन्ही लोगो ने हमारे समाज के लोगो की हत्याएं की थी और उन्ही को हम अपने घरों में स्थान देकर पूजने में लगे है और इन देवी देवताओं के  निर्माणकर्ता धर्ताओं को अपनी गाढ़ी कमाई का हिस्सा उनकी तिजोरियों को भरने में खुशी खुशी दे आते है 

उसके लिए तो आप लोगों का खून नहीं खोलता । पर यदि इन पाखंडो के खिलाफ हम जैसे कुछ बोल देते हैं। 

तो मानो धरती जैसे फट गई हो आसमान जैसे नीचे गिर गया हो ब्राह्मण कुछ विरोध करे न करे पर सबसे पहले sc st obc ही सबसे पहले। विरोध करना शुरू कर देता है कि हमारी आस्था को ठेस पहुंचाई है

 इस आस्था नमक गंदी सोच ने ही दलितों को सदियों से गुलाम 

बनाके रखा हैं अब भी समय है आस्था ही रखनी है तो बहुजनो के बहुतेरे महा पुरुष है उनमें आस्था खूब रखो

और अपने बच्चो को भी आस्था में सामिल करो लेकिन खुद के लिए और समाज के लिए अपने बच्चो को जरूर शिक्षित करों बाबा साहेब ने कहा है कि आधी रोटी खाओ अपने बच्चो को शिक्षा जरूर दिलाओ शिक्षित बनो संघर्ष करो संघटित रहो 

प्यारे साथियों इस वीडियो में इतना ही है आप सभी का वीडियो देखने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया

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